कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी — यमुना स्नान के बाद वृंदावन प्रेम मंदिर की ओर

 

कवि रंजन शर्मा, काव्या पटेल शालिनी और उनकी माँ — यमुना स्नान से वृंदावन प्रेम मंदिर की पवित्र यात्रा




मथुरा के विश्राम घाट पर जब यमुना नदी की लहरें किनारे से टकरा रही थीं, तब कवि रंजन शर्मा, काव्या पटेल शालिनी और उनकी मम्मी ने उस पवित्र जल में स्नान किया। यमुना जल की ठंडक ने तन के साथ मन को भी निर्मल कर दिया। उस क्षण में श्रद्धा, अपनापन और प्रेम तीनों का संगम था।

स्नान के बाद तीनों ने वृंदावन की ओर प्रस्थान किया। रास्ते भर भक्ति गीतों की गूंज थी, और दिल में राधा-कृष्ण के नाम की मस्ती। जब वे प्रेम मंदिर पहुँचे, तो वहां की रौशनी और संगीत ने उस क्षण को स्वर्गिक बना दिया। काव्या की मम्मी ने भी प्रेम मंदिर वृंदावन में पूजा अर्चना किए  —जय “राधे-कृष्ण।”

🌿 यह यात्रा केवल एक मार्ग नहीं, एक भावना थी — जहां भक्ति और प्रेम दोनों एक साथ बहे।


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