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कवि रंजन शर्मा (पक्का बिहारी) | Biography, कवि, गीतकार एवं लेखक

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 कवि रंजन शर्मा (पक्का बिहारी) रंजन शर्मा, जिन्हें साहित्यिक दुनिया में “पक्का बिहारी” के नाम से जाना जाता है, बिहार के मुंगेर से जुड़े कवि, गीतकार और मंचीय रचनाकार हैं। बचपन से ही लिखने का शौक रखने वाले रंजन शर्मा ने अपनी लेखनी की शुरुआत गांव से की। स्कूल के कार्यक्रमों और भाषणों के लिए लिखते-लिखते उनका रुझान धीरे-धीरे कविता और गीत लेखन की ओर बढ़ा। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा रंजन शर्मा का संबंध मुंगेर, बिहार से है। उन्होंने प्रारंभिक जीवन गांव में बिताया और आगे की शिक्षा के लिए सुल्तानगंज से पढ़ाई की। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स में डिग्री प्राप्त की। बचपन से ही शब्दों के साथ उनका रिश्ता रहा। गांव में स्कूल के लिए भाषण लिखने से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर कविता, गीत और मंचीय साहित्य तक पहुंचा। गीत लेखन का सफर कविता के साथ-साथ रंजन शर्मा ने भोजपुरी और मैथिली गीत लेखन में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अब तक 250 से अधिक भोजपुरी गीत और लगभग 50 मैथिली गीत लिखे हैं। उनकी लेखनी में प्रेम, विरह, रिश्ते, सामाजिक भावनाएं, देशभक्ति और जिंदगी के अनुभव प्रमुख रूप से दिखाई देते हैं। कविता और मंचीय सफर रं...

बारिश और तुम्हारा याद आना | दिशांत गुप्ता | हिंदी प्रेम कविता

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आज इस मूसलाधार बारिश में भीगते हुए जब मैं घर लौटा, तो मुझे तुम याद आईं। यह दरकती शाम जब बादलों को इकट्ठा करके एक योजना बनाती है, मुझे उस वक्त तुम बहुत याद आती हो। वो भीगे होंठ, भीगा बदन और मेरी सूखी आँखें सिर्फ एक रास्ता ढूँढती नज़र आईं, और वो रास्ता सिर्फ प्रेम का था। यहाँ तक कि मैं इस शाम को जी पाने में भी सक्षम नहीं रहा; परंतु मैं इस बारिश को देखकर गुनगुनाना नहीं भूला। गाने के हर लफ़्ज़ में तुम थीं, हर राग में तुम थीं, बारिश की हर बूँद में भी तुम ही थीं। मेरे भीगे बदन पर तुम थीं, मेरे भीगे होंठों पर तुम थीं, मेरे भीगे कपड़ों की खुशबू में तुम थीं, मेरे हृदय के बाएँ छोर में भी तुम ही थीं। और इस बारिश को रोकने के लाख प्रयत्न देख, मैं तुम्हारे दर से लौट चलने पर मजबूर हुआ। अंततः, मैंने त्याग दिया हमारा वो अभिन्न प्रेम, जो पनप रहा था तुम्हारी और मेरी खूबसूरत यादों में, हमारी बातों में। दिशांत गुप्ता लखनऊ विश्वविद्यालय 🎤 होने वाला भव्य कार्यक्रम मालवा में काव्य का जलवा 📅 25 जुलाई 2026 | 📍 सर्वोदय इंटर कॉलेज, फतेहपुर 💬 WhatsApp 📝 रजिस्ट्रेशन 🎤 होने वाला...

शहर और लड़के — दिशांत की भावनात्मक कविता

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शहर और लड़के रचनाकार: दिशांत स्थान: बलिया, उत्तर प्रदेश जब लड़के असीम वेदनाओं को बदन से लपेट कर घर लौटते हैं, और एक हल्की मुस्कान से अपनी सारी थकान को छुपाते हैं। नहीं बताते शहर में वो उस बंद कमरे की हालत, वो सिर्फ चुपचाप सुनते हैं यहाँ सबकी बातें। बस उम्मीद उन्हें हौसलों की है, उन्हें बचाए रखनी है अपनी सकारात्मकता; सवालों से स्वयं को बचाने लगे हैं वो, जो कभी जवाब देने में मुखर हुआ करते थे। कुछ समय बाद फिर उसी पुराने कमरे में लौट आते हैं; शहर की इस भीड़ में अपना अस्तित्व ढूंढने निकले, इन लड़कों की अहमियत को अक्सर बेरोजगारी से नाप दिया जाता है। अंततः... घर वहीं लड़के लौट पाए जो सफल हुए, बाकियों ने तो केवल शहर और कमरा बदला! — दिशांत कवि परिचय दिशांत बलिया, उत्तर प्रदेश 🎤 होने वाला भव्य कार्यक्रम मालवा में काव्य का जलवा 📅 25 जुलाई 2026 | 📍 सर्वोदय इंटर कॉलेज, फतेहपुर 💬 WhatsApp 📝 रजिस्ट्रेशन 🎤 होने वाला भव्य कार्यक्रम तिरंगा कवि महाकुंभ 2026 📅 16 अगस्त 2026 | 📍 द्वारका, नई दिल्ली 💬 WhatsApp 📝 रजिस्ट्रेशन ━ हर इवेंट...

कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी की जोड़ी ने रचा इतिहास, अखिल भारतीय ग्रामीण साहित्य मंच की शानदार यात्रा

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कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी की साहित्यिक जोड़ी ने रचा इतिहास , अखिल भारतीय ग्रामीण साहित्य मंच की यात्रा दिल्ली से देशभर तक पहुंची दिल्ली खबर | साहित्य विशेष साहित्य और कला के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी की जोड़ी आज देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों की साहित्यिक यात्रा ने छोटे मंच से शुरुआत करके बड़े ऑडिटोरियम तक का सफर तय किया है। अखिल भारतीय ग्रामीण साहित्य मंच का दिल्ली में पहला कार्यक्रम नांगलोई स्थित सुरभि डिजिटल स्टूडियो में आयोजित किया गया था। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. डी. एस. पांडे जी उपस्थित रहे। वहीं कवि रंजन शर्मा मुख्य कवि के रूप में मंच पर मौजूद रहे। इसी कार्यक्रम में पहली बार मुरादीपुर, फतेहपुर से चलकर काव्या पटेल शालिनी परफॉर्मर के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी के बीच साहित्य, कला और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए विश्वास और सहयोग की एक नई शुरुआत हुई। इसके बाद कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी ने मिलकर 14 फरवरी 2025 (वैलेंटाइन डे)...

बाद में क्या होता है | दिशांत गुप्ता की भावनात्मक हिंदी कविता | Event.MirchiPlus

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बाद में क्या होता है बाद में क्या होता है? बाद में सब बदल जाता है, बाद में नए लोग मिलते हैं। बाद में सब धुंधला भी होने लगता है। बाद में मन भर जाता है, शरीर थक जाता है, पीड़ाएँ प्रभाव डालती हैं। बाद में प्रेम प्रखर हो जाता है। बाद में मुश्किलें बढ़ जाती हैं, बाद में रिश्ते बनते तो हैं पर पक्के नहीं। बाद में हृदय मिलता तो है पर वो बात नहीं। बाद में सब बदल जाता है, परंतु बाद में स्थिर रहता है— वह प्रेम, जो नकारे जाने पर भी एक भावुकता का क्षण उत्पन्न करता है। बाद में कोई ठहर जाता है, और कोई निकल जाता है नया जीवन बसाने; परंतु ठहरा हुआ व्यक्ति कभी बाद में नहीं मिलता, यह सच्चाई बाद की है। — दिशांत गुप्ता 📖 कविता के बारे में "बाद में क्या होता है" समय, प्रेम, रिश्तों और जीवन के बदलते स्वरूप पर आधारित एक भावपूर्ण हिंदी कविता है। कवि दिशांत गुप्ता ने सरल और संवेदनशील शब्दों में बताया है कि समय के साथ बहुत कुछ बदल जाता है, लेकिन सच्चे प्रेम की अनुभूति हमेशा हृदय में जीवित रहती है। यह कविता पाठकों को जीवन की सच्चाइयों पर सोचने और आत्मचिंतन करने की प्रेरण...

True Love Story | Kavi Ranjan Sharma & Kavya Patel Shalini Podcast Interview | Full Video

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🎥 Watch Full Podcast Interview नीचे दिए गए वीडियो में पूरा पॉडकास्ट देखें। ❤️ True Love Story | Kavi Ranjan Sharma & Kavya Patel Shalini | Full Podcast Interview 14 फरवरी 2025 की यादगार शाम में रिकॉर्ड किया गया यह विशेष पॉडकास्ट प्रेम, विश्वास और रिश्तों की गहराई को समर्पित है। इस इंटरव्यू में कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी ने अपनी मुलाकात, दोस्ती, मोहब्बत, रिश्तों की चुनौतियों, यादगार पलों और जीवन के अनुभवों पर खुलकर बात की है। इस पॉडकास्ट में आपको निम्न विषयों पर विस्तार से चर्चा सुनने को मिलेगी— 1. पहली मुलाकात की कहानी। 2. पहली नजर का एहसास। 3. दोस्ती से प्यार तक का सफर। 4. पहली बार दिल की बात किसने कही। 5. पहली डेट का अनुभव। 6. सच्चे प्यार की परिभाषा। 7. आकर्षण और प्रेम में अंतर। 8. लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप की सच्चाई। 9. रिश्ते में विश्वास का महत्व। 10. सम्मान और समझदारी का रिश्ता। 11. छोटी-छोटी बातों पर होने वाले झगड़े। 12. नाराज़गी के बाद मनाने का तरीका। 13. रिश्ते को मजबूत बनाने के उपाय। 14. यादगार रोमांटिक पल। 15. एक-दूसरे की सबसे अच्छी आदत। 16. जीवन की स...

मन के भाव | भगवान की भक्ति पर प्रेरणादायक कविता – मंजूषा श्रीवास्तव "मृदुल"

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मन के भाव ✍️ मंजूषा श्रीवास्तव "मृदुल" मन के भाव मन के भाव बता दो सारे, डरना मत बेकार में। सुनते हैं भगवान सभी की, आ जाओ दरबार में।। झूठ, कपट सब छोड़ के आओ, रख दो मन करतार में। पावन जीवन फलता जाए, सच्चे प्रभु के प्यार में।। सुख-दुख दोनों साथ निभाते, मत पड़ना तकरार में। दीपक जब-जब जल उठते हैं, उजियारा संसार में।। सच्ची श्रद्धा, निर्मल सेवा, रख अपने व्यवहार में। मिल जाएगी राह सहज ही, प्रभु के शुभ उपहार में।। मन की पीड़ा कह दो खुलकर, मत झेंपो इजहार में। करुणाकर पीड़ा हर लेते, बैठो तो दरबार में।। "मृदुल" चरण में माथा रखती, प्रेम भरे सत्कार में। बिन माँगे झोली भर जाती, प्रभु जी के दरबार में।। — © मंजूषा श्रीवास्तव "मृदुल" मौलिक रचना लेखिका परिचय मंजूषा श्रीवास्तव "मृदुल" उत्तर प्रदेश के लखनऊ की निवासी हैं। वे हिंदी साहित्य एवं भक्ति काव्य की सशक्त रचनाकार हैं। उनकी रचनाओं में आध्यात्मिक चेतना, सकारात्मक जीवन-दृष्टि और मानवीय मूल्यों का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। सरल भाषा और सहज अभिव्यक्ति उनकी कविता...