बाद में क्या होता है | दिशांत गुप्ता की भावनात्मक हिंदी कविता | Event.MirchiPlus
बाद में क्या होता है
बाद में क्या होता है?
बाद में सब बदल जाता है,
बाद में नए लोग मिलते हैं।
बाद में सब धुंधला भी
होने लगता है।
बाद में मन भर जाता है,
शरीर थक जाता है,
पीड़ाएँ प्रभाव डालती हैं।
बाद में प्रेम प्रखर हो जाता है।
बाद में मुश्किलें बढ़ जाती हैं,
बाद में रिश्ते बनते तो हैं
पर पक्के नहीं।
बाद में हृदय मिलता तो है
पर वो बात नहीं।
बाद में सब बदल जाता है,
परंतु बाद में स्थिर रहता है—
वह प्रेम, जो नकारे जाने पर भी
एक भावुकता का क्षण
उत्पन्न करता है।
बाद में कोई ठहर जाता है,
और कोई निकल जाता है
नया जीवन बसाने;
परंतु ठहरा हुआ व्यक्ति
कभी बाद में नहीं मिलता,
यह सच्चाई बाद की है।
— दिशांत गुप्ता
📖 कविता के बारे में
"बाद में क्या होता है" समय, प्रेम, रिश्तों और जीवन के बदलते स्वरूप पर आधारित एक भावपूर्ण हिंदी कविता है। कवि दिशांत गुप्ता ने सरल और संवेदनशील शब्दों में बताया है कि समय के साथ बहुत कुछ बदल जाता है, लेकिन सच्चे प्रेम की अनुभूति हमेशा हृदय में जीवित रहती है। यह कविता पाठकों को जीवन की सच्चाइयों पर सोचने और आत्मचिंतन करने की प्रेरणा देती है।
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