बेटी, पापा का सिर झुके ऐसी चाहत मत करना | कवि रंजन शर्मा | YouTube Shorts
बेटी, पापा का सिर झुके ऐसी चाहत मत करना
"बेटी, पापा का सिर झुके ऐसी चाहत मत करना, पैंतीस टुकड़ों में बँट जाओ, ऐसी मोहब्बत मत करना।"
"अपनी बेटी को रील पर नाचना सिखाओ, पर साथ में झाँसी की रानी बनने की शिक्षा भी ज़रूर दो।"
— कवि रंजन शर्मा
अगर कविता पसंद आए तो वीडियो को लाइक करें, अपने मित्रों के साथ साझा करें और चैनल को सब्सक्राइब करें।
बेटी, पापा का सिर झुके ऐसी चाहत मत करना "बेटी, पापा का सिर झुके ऐसी चाहत मत करना, पैंतीस टुकड़ों में बँट जाओ, ऐसी मोहब्बत मत करना।" "अपनी बेटी को रील पर नाचना सिखाओ, पर साथ में झाँसी की रानी बनने की शिक्षा भी ज़रूर दो।" ✍️ रचनाकार: कवि रंजन शर्मा � यदि यह कविता आपको पसंद आए तो कृपया वीडियो को Like, Share और Comment करें तथा ऐसे ही प्रेरणादायक काव्य सुनने के लिए हमारे YouTube चैनल को Subscribe करें। ✍️ रचनाकार: कवि रंजन शर्मा © कवि रंजन शर्मा | सर्वाधिकार सुरक्षित🎤 होने वाला भव्य कार्यक्रम
मालवा में काव्य का जलवा
📅 25 जुलाई 2026 |
📍 सर्वोदय इंटर कॉलेज, फतेहपुर
🎤 होने वाला भव्य कार्यक्रम
तिरंगा कवि महाकुंभ 2026
📅 16 अगस्त 2026 |
📍 द्वारका, नई दिल्ली
