किताबों वाला प्यार | शान्ति साहनी की हिंदी कविता | Event.MirchiPlus

किताबों वाला प्यार | शान्ति साहनी की हिंदी कविता | Event.MirchiPlus

 

किताबों वाला प्यार

✍️ शान्ति साहनी

📖 कविता

किताबों वाला प्यार

प्रिय जब तुम मुझसे मिलने आना,
संग अपने किताबें ले आना।

नहीं पसंद है मुझे सजना सँवरना,
नहीं पसंद है मुझे काजल बिंदी लगाना।
पसंद है मुझे किताबें पढ़ना।

प्रिय जब तुम मुझसे मिलने आना,
गुलाब के फूल न ले आना।

ना झुमके, ना बालों के लिए गजरें लाना।

प्रिय जब तुम मुझसे मिलने आना,
संग अपने किताबें ले आना -1

प्रिय जब तुम मुझसे मिलने आना
संग अपने किताबें ले आना -2।

✍️ शान्ति साहनी

📚 Description

किताबों वाला प्यार शान्ति साहनी की एक भावपूर्ण हिंदी कविता है। इस कविता में बाहरी दिखावे से अधिक पुस्तकों के प्रति प्रेम, सादगी और आत्मीय रिश्तों की सुंदर अभिव्यक्ति की गई है। यह रचना उन पाठकों को विशेष रूप से पसंद आएगी जिन्हें किताबों और साहित्य से गहरा लगाव है।

✍️ रचनाकार: शान्ति साहनी
📍 शहर: रामनगर, वाराणसी
🏛️ राज्य: Uttar Pradesh

Published on: Event.MirchiPlus

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✍️ रचनाकार : शान्ति साहनी 📍 शहर : रामनगर, वाराणसी 🏛️ राज्य : Uttar Pradesh

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