
सिंदूर से रंगना
✍️ कवि विमल कुमार 'बेबी'
📖 कविता
सभी को रंग से रंगना ।
सभी को ढंग से रंगना ॥
गुलाबी रंग से रंगना,
या पीले रंग से रंगना,
मगर ये याद रखना सब,
जो दिल के पास रहता हो,
भले ही देर लग जाये,
उसे सिंदूर से रंगना ।
सभी को रंग से रंगना ।
सभी को ढंग से रंगना ॥
किसी को प्रेम से रंगना,
किसी के प्रेम में रंगना,
किसी के रंग में रंगना,
किसी को रंग से रंगना,
जो मुझसे दूर हैं अब तक,
हैं उसकी मांग को भरना ।
सभी को रंग से रंगना ।
सभी को ढंग से रंगना ॥
✍️ कवि विमल कुमार 'बेबी'
📚 Description
सिंदूर से रंगना कवि विमल कुमार 'बेबी' की एक भावपूर्ण हिंदी कविता है। इस कविता में प्रेम, अपनापन, रिश्तों की पवित्रता और सिंदूर के सांस्कृतिक महत्व को सुंदर शब्दों में प्रस्तुत किया गया है। यह कविता पाठकों के मन में प्रेम और आत्मीयता का भाव जगाती है।
✍️ रचनाकार: कवि विमल कुमार 'बेबी'
📍 शहर: बांगरमऊ, उन्नाव
🏛️ राज्य: उत्तर प्रदेश
Published on: Event.MirchiPlus
Keywords: सिंदूर से रंगना, कवि विमल कुमार बेबी, हिंदी कविता, प्रेम कविता, सिंदूर, Hindi Poetry, Event.MirchiPlus
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