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Showing posts from October, 2025

Kavi Ranjan Sharma and Kavya Patel Shalini - Delhi Jhanki

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  दिल्ली झांकी में दर्शन करते हुए कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी — भक्ति और सुंदरता से भरा यादगार पल।

प्रेम मंदिर वृंदावन दर्शन | कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी | Radha Krishna Temple Mathura

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  💫 प्रेम मंदिर वृंदावन दर्शन 💫 मथुरा का प्रेम मंदिर हर भक्त के हृदय में राधा-कृष्ण की मधुर प्रेम-कथा का दीप जला देता है। कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी का यह दर्शन उसी पवित्रता और भाव के साथ यादगार बना। मंदिर की नक्काशी, रंग-बिरंगी सजावट और भक्ति गीतों की गूंज ने उस दिन हर नज़र को मोह लिया। यह फोटो उसी यात्रा की एक झलक है — जहां आशीर्वाद लिया गया प्रेम मंदिर वृंदावन में राधे-कृष्ण दर्शन प्रेम मंदिर वृंदावन की पावन धरा पर कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी ने राधे-कृष्ण के दर्शन किए। दोनों इवेंट पार्टनर की जोड़ी को लोगों ने खूब पसंद किया और शुभकामनाएँ दीं कि यह जोड़ी सदा यूँ ही साथ रहे। सिर्फ 9 महीनों में, इस जोड़ी ने 10 सफल कार्यक्रम करके दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ली। हर मंच पर इनकी प्रस्तुति को लोगों ने प्यार और तालियों से सराहा। कार्यक्रम के अंत में मीडिया से बातचीत में दोनों ने कहा — “अगला प्रोग्राम इससे भी बड़ा और यादगार होगा।” 🔖 जानकारी स्थान: प्रेम मंदिर, वृंदावन,  ...

कवि रंजन शर्मा ने कानपुर टीवी शो के मंच पर काव्य पटेल शालिनी का जन्मदिन केक खिलाकर मनाया | भावनाओं से भरा अनोखा पल

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कवि रंजन शर्मा ने कानपुर टीवी शो के मंच पर काव्य पटेल शालिनी का जन्मदिन केक खिलाकर मनाया 🎂 कविता और प्रेम से सजी इस विशेष शाम में कवि रंजन शर्मा ने कानपुर टीवी शो के मंच पर सबके सामने काव्य पटेल शालिनी का जन्मदिन केक खिलाकर मनाया। यह दृश्य केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि भावना और समर्पण का प्रतीक था। मंच की रौशनी में जब दोनों ने ढेर सारा आशीर्वाद लिया, तो दर्शकों ने तालियों की गूंज से उस पल को यादगार बना दिया। यह क्षण कवि के जीवन की कविता की तरह सदाबहार बन गया। #KaviRanjanSharma #KavyaPatelShalini #KanpurTVShow #BirthdayCelebration #PakkaBihari

Navratri Kavya Utsav के बाद — कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी की चांदनी चौक सैर

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Navratri Kavya Utsav के बाद — कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी की चांदनी चौक सैर दिनांक: 20 सितंबर 2025 स्थान: दिल्ली Navratri Kavya Utsav के भव्य समापन के बाद, कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी दिल्ली की रात का आनंद लेने चांदनी चौक घूमने गए। सबसे पहले दोनों पहुँचे इंडिया गेट , जहाँ तिरंगे की रौशनी और ठंडी हवा ने मन को सुकून दिया। फिर रुख किया लाल किला की ओर, जहाँ इतिहास की दीवारों के बीच कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी के कदमों की गूँज ने माहौल को और जीवंत बना दिया। अंत में दोनों चांदनी चौक की गलियों में घूमते हुए रात की रौनक, मिठाइयों की खुशबू और चांदनी की चमक का आनंद लेने लगे। वह रात सिर्फ़ दिल्ली की नहीं थी, वह एक अनुभव थी — जहाँ कवि रंजन शर्मा की कविता और काव्या पटेल शालिनी की मुस्कान चांदनी की रोशनी में साथ बह रही थीं… ✨ सर्च डिस्क्रिप्शन: Navratri Kavya Utsav के भव्य समापन के बाद, कवि रंजन शर्मा और काव्या पटेल शालिनी दिल्ली की चांदनी चौक में घूमत...

लखनऊ में कवि रंजन शर्मा के मंच ने मचाया धमाल – दर्शकों ने कहा, यादगार रहेगा ये कवि सम्मेलन

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  🌟 लखनऊ में कवि रंजन शर्मा का जादू छाया 🌟 — रिपोर्ट: गूंज भारत नवाबों के शहर लखनऊ में आयोजित भव्य कवि सम्मेलन में कवि रंजन शर्मा ‘पक्का बिहारी’ ने अपने शानदार मंच प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया। कार्यक्रम एम.पी.सी. इंडिया कंपनी के संस्थापक मनीष पटेल जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में मुंशी पुलिया, लखनऊ में संपन्न हुआ। कवि रंजन शर्मा ने अपने खास अंदाज़ में हास्य और भावनात्मक दोनों रंगों की शायरी प्रस्तुत की। उनकी पंक्तियाँ — “बिहारी हूँ, बेवकूफ नहीं” पर दर्शक तालियों से गूंज उठे। कार्यक्रम का संचालन संजय शर्मा ने किया, और मंच पर कई नामी कवियों ने भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभागार दर्शकों से खचाखच भरा रहा। दर्शकों ने कहा — “रंजन शर्मा की प्रस्तुति दिल को छू गई, यह शाम सालों तक याद रहेगी।” कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कवि रंजन शर्मा को फूलमाला और सम्मानपत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा — “ये सम्मान मेरे शब्दों का नहीं, मेरे देश और दर्शकों के प्रेम का है।” 📸 कार्यक्रम की झलकियाँ: 🎤 कवि रंजन शर्मा का मंचीय प्रदर्शन ?...

दुश्मन समझदार था – कवि रंजन शर्मा की दर्दभरी शायरी

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💔 दुश्मन समझदार था 💔 — कवि रंजन शर्मा ‘पक्का बिहारी’ दुश्मन समझदार था, ये हालत किया है, तलवार से न मारकर, मोहब्बत किया है। अकेले उसके बिन जब जीना था मुश्किल, लत अपनी लगाकर वो नफ़रत किया है। तैरना भी सीखा हूं, उस दौर यारों, जब-जब डुबाने की जुर्रत किया है। हम सोचते रहे वो, है हमदर्द मेरा, हक़ीक़त में वो तो, क़यामत किया है। आँधियों ने चाहा, कि रौंदूँ सफ़र को, पर मैंने हर तूफ़ाँ में, हिम्मत किया है। जिस आग से वो, जलाने की सोची, उसी शोले से ही, बग़ावत किया है। रंज़िश में "रंजन" का दिल तोड़ उसने, खुदा की कसम, बे-मुरव्वत किया है। हंसी देके मुझको, दिल तोड़ा है उसने, दुश्मनो से भी बढ़कर, सियासत किया है। 📜 लेखक: कवि रंजन शर्मा 📍 मुंगेर, बिहार 🎤 Instagram | YouTube | Facebook | X – @kaviranjansharma ✨ शायरी का सार: यह शायरी केवल टूटे दिल की नहीं, बल्कि उस इंसान की हिम्मत की कहानी है जिसने हर दर्द को अपनी ताक़त बना लिया। "दुश्मन" यहाँ वो है जिसने प्यार करके धोखा दिया, और "रंजन" वो है जिसने बग़ावत को भी...